जब रंगों ने मातम किया, जब तस्वीरों ने नौहा पढ़ा — लाल बारादरी में अकीदत का आख़िरी दिन और आंखों में उतरती कर्बला, 18वीं अन्तर्राष्ट्रीय मोहर्रम फोटोग्राफी, चित्रकला एवं कैलीग्राफी प्रदर्शनी
रिपोर्ट: सैयद रिज़वान मुस्तफ़ा लखनऊ। कुछ जगहें ऐसी होती हैं जहां इंसान…

