चार रुपये आठ आने से नौ हज़ार ज़िंदगियों तक एक छोटी-सी नेकी कैसे एक सदी से ज़्यादा लंबे कारवाँ में बदल गई — अंजुमन वज़ीफ़ा-ए-सादात-वा-मोमिनीन की दिल को छू लेने वाली कहानी
तहलका टुडे टीम/सैयद रिज़वान मुस्तफा कभी-कभी इतिहास बड़े महलों में नहीं लिखा…
إِنَّا لِلّٰهِ وَإِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ (हम सब अल्लाह के हैं और उसी की ओर लौटकर जाने वाले हैं) मौलाना डॉ. सैयद मोहम्मद असगर — अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के शिया थ्योलॉजी डिपार्टमेंट के हेड ,एक रोशन दीया जो बुझ गया
✍️ सैयद रिज़वान मुस्तफा की कलम से कभी-कभी कुछ शख्सियतें इतनी ख़ामोशी…
“22 रजब: कुंडे की नियाज़ से उठेगी औकाफ़ की हिफाज़त और देश के लिए शांति बुलंदी और तरक्की की आवाज़”,इमाम अली (अ.स.) यूनिवर्सिटी के भारत में कयाम के लिए दुआ के साथ,”इमाम जाफर सादिक (अ.स.) के पैग़ाम से रोशन होगा समाज, औकाफ़ के संरक्षण का होगा नया आगाज़
"22 रजब: कुंडे की नियाज़ से उठेगी औकाफ़ की हिफाज़त और देश…

