8 मोहर्रम पर खास, जब प्यासे बच्चों के लिए फ़ुरात बंद कर दी गई थी… और 1400 साल बाद दुनिया होर्मुज़ के किनारे खड़ी प्यास महसूस करने लगी, हज़रत अब्बास अलमदार (अ.) की याद में तबस्सुम फ़ातिमा की पेंटिंग का नया पैगाम
तहलका टुडे टीम/सैयद रिज़वान मुस्तफ़ा लखनऊ ,8 मोहर्रम...यह सिर्फ़ तारीख़ नहीं है।…

