तहलका टुडे टीम/हसनैन मुस्तफा
लखनऊ। इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, जो शिक्षा, रिसर्च और इंसानी भलाई की दिशा में अपनी बेहतरीन सेवाओं के लिए पूरे देश में पहचान रखती है, आज फिर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी करते हुए सुर्ख़ियों में रही। कम्युनिटी मेडिसिन विभाग, आईआईएमएसआर द्वारा आयोजित 28वीं वार्षिक अंतरराष्ट्रीय आईएपीएसएम कॉन्फ्रेंस (उत्तर प्रदेश–उत्तराखण्ड) 15 नवंबर 2025 को भव्य और प्रभावशाली उद्घाटन समारोह के साथ शुरू हुई।
इस बार की थीम “वन हेल्थ – सटीकता, रोकथाम और पूर्वानुमान पर आधारित स्वास्थ्य दृष्टिकोण” रखी गई, जिसमें इंसान, पशु और पर्यावरण—तीनों की सेहत को एक-दूसरे से गहराई से जुड़ा माना गया है।
⭐ भव्य उद्घाटन — शीर्ष नेतृत्व और विशेषज्ञों के विचार
सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन उत्तर प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा) श्री अमित कुमार घोष ने किया। उन्होंने कहा,
“वन हेल्थ आज के समय की सबसे अहम ज़रूरत है। कोविड-19 ने यह बता दिया कि स्वास्थ्य संकट सरहदें नहीं देखते। डेटा आधारित नीति, समन्वय और तैयारी ही आने वाले समय में हमारी स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत बनाएगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में मौजूद 80 से अधिक मेडिकल कॉलेज एक बड़ी ताकत हैं और मिलकर हम किसी भी चुनौती का बेहतर समाधान निकाल सकते हैं।
इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के माननीय चांसलर एवं संस्थापक प्रो. सैयद वसीम अख्तर ने कहा,
“आईएपीएसएम और आयोजकों को इस दूरदर्शी और भविष्य पर केंद्रित विषय के चयन पर हार्दिक बधाई। इंटीग्रल यूनिवर्सिटी देश की सार्वजनिक सेहत को सशक्त बनाने के लिए समर्पित है। यह आयोजन निश्चित रूप से नए विचारों को जन्म देगा और समाज को बेहतर स्वास्थ्य दिशा प्रदान करेगा।”
अतिरिक्त प्रो-चांसलर श्री सैयद मोहम्मद फ़ौज़ान अख्तर ने कहा,
“यह सम्मेलन हमारी उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें शोध, सेवा, नैतिकता और उत्कृष्टता के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र की बेहतरी को प्राथमिकता दी जाती है।”
इसी दौरान सह-संस्थापक श्रीमती अज़रा वसीम, प्रो-चांसलर डॉ. सैयद नदीन अख्तर, वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) जावेद मुसर्रत, आईएपीएसएम सेक्रेटरी जनरल प्रो. (डॉ.) मनीष कुमार सिंह, प्रदेश अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) भावना पंत और आयोजन समिति के चेयरपर्सन प्रो. (डॉ.) सय्यद बिलाल हसन ने भी संबोधित किया।
उद्घाटन के दौरान कॉन्फ्रेंस सोवेनियर का विमोचन किया गया, और धन्यवाद प्रस्ताव प्रो. (डॉ.) आभा चंद्रा, डीन आईआईएमएसआर ने रखा।
⭐ पहले दिन की शैक्षणिक गतिविधियाँ — ज्ञान, अनुभव और नवाचार का संगम
पहले दिन कई महत्वपूर्ण सत्र आयोजित हुए। पूर्व कुलपति केजीएमयू–सैफ़ई प्रो. (डॉ.) पी.के. जैन, और एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज की विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) सीमा जैन ने विशेष व्याख्यान दिए। इसके बाद आईएपीएसएम के वार्षिक पुरस्कार वितरित किए गए।
✔ सत्र 1 – वन हेल्थ
ज़ूनोटिक बीमारियों की रोकथाम, भविष्य की महामारी की भविष्यवाणी और बहु-क्षेत्रीय सहयोग पर चर्चा।
✔ सत्र 2 – स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत बनाना
CRVS, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित हेल्थ डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल हेल्थ सिस्टम और स्वास्थ्य प्रणाली सुदृढ़ीकरण पर आईएएस/पीसीएस अधिकारियों और विशेषज्ञों की बातें।
✔ सत्र 3 – स्तन कैंसर
स्क्रीनिंग, माइक्रोवेस्कुलर तकनीक, रिकंस्ट्रक्टिव प्रक्रियाएँ और भारत में बढ़ते रुझानों पर विस्तृत विचार।
✔ सत्र 4 – उपेक्षित उष्णकटिबंधीय रोग
उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड में चल रहे कार्यक्रमों और आने वाली रणनीतियों पर राज्य अधिकारियों ने चर्चा की।
✔ सत्र 5 – महामारी तैयारी
सर्विलांस, त्वरित प्रतिक्रिया और डिजिटल तैयारियों पर विस्तृत विचार-विमर्श।
⭐ इंटीग्रल यूनिवर्सिटी — शिक्षा, शोध और सेवा का चमकता हुआ उदाहरण
इस कॉन्फ्रेंस ने एक बार फिर साबित किया कि इंटीग्रल यूनिवर्सिटी न केवल एक उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान है, बल्कि समाज, स्वास्थ्य और मानव सेवा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने वाला संस्थान भी है।
इसकी मेहमाननवाज़ी, उत्कृष्ट प्रबंधन और उच्च स्तरीय अकादमिक माहौल ने सभी प्रतिभागियों को गहराई से प्रभावित किया।
कल सम्मेलन का दूसरा दिन आयोजित होगा जिसमें कई वर्कशॉप, पैनल डिस्कशन और वैज्ञानिक प्रस्तुतियाँ होंगी।
इंटीग्रल यूनिवर्सिटी—जहाँ ज्ञान रोशन होता है, नवाचार जन्म लेता है और समाज को नई दिशा मिलती है।




