🚨 जो घायल को अस्पताल पहुँचाएगा, उसे ₹25,000 का इनाम
🏥 सड़क हादसे में 7 दिन तक ₹1,50,000 का इलाज बिल्कुल मुफ्त
🌿 नितिन गडकरी: एक देश की आवाम को सुकून देने वाले केंद्रीय मंत्री
तहलका टुडे | सैयद रिज़वान मुस्तफ़ा
देश में हर दिन सैकड़ों घर सड़क हादसों की वजह से उजड़ जाते हैं। इन मौतों की सबसे बड़ी वजह हादसा नहीं, बल्कि समय पर इलाज न मिलना, पैसों का डर और सिस्टम की देरी रही है। अब यह तस्वीर बदलने जा रही है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की पहल पर सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं को लेकर एक ऐसी योजना लागू की है, जो काग़ज़ी एलान नहीं, ज़मीन पर ज़िंदगी बचाने का इंतज़ाम है।
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🟥 अब नियम साफ है: पहले जान, बाद में औपचारिकता
सरकार की कैशलेस रोड एक्सीडेंट ट्रीटमेंट योजना के तहत
👉 सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को
👉 पहले 7 दिन तक ₹1,50,000 का कैशलेस इलाज
👉 सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में
👉 बिना किसी एडवांस, बिना डिपॉजिट मिलेगा।
बीमा हो या न हो, पहचान हो या न हो—
इलाज रुकेगा नहीं।
🟩 जो मदद करेगा, वही हीरो होगा
अब तक लोग घायल को हाथ लगाने से डरते थे—
पुलिस, केस, कोर्ट और पूछताछ के नाम पर।
अब सरकार का ऐलान है:
- जो व्यक्ति घायल को अस्पताल पहुँचाएगा
- वह Good Samaritan / Rah-Veer कहलाएगा
- उसे ₹25,000 तक नकद इनाम और सरकारी सम्मान मिलेगा
- न पुलिस परेशान करेगी
- न अदालतों के चक्कर लगेंगे
👉 इंसानियत अब अपराध नहीं, सम्मान की पहचान बनेगी।
⏱️ Golden Hour: एक घंटा, जो ज़िंदगी तय करता है
मेडिकल विशेषज्ञों के मुताबिक, हादसे के बाद पहला एक घंटा (Golden Hour) सबसे अहम होता है।
यही वह समय है, जब सही इलाज मिल जाए तो मौत को मात दी जा सकती है।
गडकरी की यह योजना:
- अस्पतालों से बहाने खत्म करती है
- आम आदमी से पैसों का डर हटाती है
- और सिस्टम को सीधे जवाबदेह बनाती है।
🏥 अस्पताल मना नहीं कर सकते
इलाज का पूरा खर्च
Motor Vehicle Accident Fund
से सीधे अस्पताल को दिया जाएगा।
मरीज और उसके परिवार को
👉 एक रुपया भी नहीं देना होगा।
✍️ तहलका टुडे की टिप्पणी
आज की राजनीति में शोर बहुत है, सुकून कम।
लेकिन नितिन गडकरी उन चुनिंदा मंत्रियों में हैं,
जिनके फैसले आम आदमी के ज़ख़्म पर मरहम रखते हैं।
यह योजना:
- भाषण नहीं
- वादा नहीं
- ज़िंदगी बचाने का भरोसा है।
🧠 जनता के नाम संदेश
अगर सड़क पर एक्सीडेंट देखें—
✔️ रुकिए
✔️ घायल को उठाइए
✔️ अस्पताल पहुँचाइए
क्योंकि अब:
मदद करने पर सज़ा नहीं, ₹25,000 का इनाम और सम्मान मिलेगा।
नितिन गडकरी की यह पहल
सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं,
बल्कि हर भारतीय के लिए जीवन की गारंटी है।
तहलका टुडे इस जनहित संदेश को
देश के हर कोने तक पहुँचाने का संकल्प लेता है—
👉 डरिए मत, देर मत कीजिए, जान बचाइए।




