Tahalka Today Team
नई दिल्ली। BRICS को केवल देशों का समूह मानने के बजाय उसे अलग-अलग रंगों और आकार के टुकड़ों से बनी एक बड़ी तस्वीर के रूप में देखने की जरूरत है। नई दिल्ली में आयोजित CEEW Leaders’ Dialogue में भारत में IPIS के प्रतिनिधि डॉ. ओमिद बाबेलियन ने BRICS की इसी विविधता और साझेदारी की क्षमता को “MOSАIC” की संकल्पना के जरिए समझाया।
डॉ. बाबेलियन ने BRICS को MOSАIC बताते हुए इसके छह प्रमुख आयामों को रेखांकित किया—Multilateralism (बहुपक्षवाद), Openness (खुलापन), Sustainability (स्थिरता), Alignment (सामंजस्य), Interdependence (परस्पर निर्भरता) और Connectivity (कनेक्टिविटी)।
उन्होंने संकेत दिया कि BRICS में शामिल देशों की राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियां एक जैसी नहीं हैं। इसके बावजूद यही विविधता आपसी सहयोग के नए अवसर पैदा करती है। अलग-अलग हिस्सों का अपना महत्व है, लेकिन जब ये एक साथ आते हैं तो एक बड़ी और प्रभावशाली तस्वीर सामने आती है।
डॉ. बाबेलियन का संदेश था कि BRICS की ताकत समान विचारधारा या एकरूपता में नहीं, बल्कि अलग-अलग दृष्टिकोणों और हितों को साझेदारी में बदलने की क्षमता में निहित है।
तेजी से बदलती वैश्विक व्यवस्था में बहुपक्षीय सहयोग, आर्थिक परस्पर निर्भरता, टिकाऊ विकास और देशों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी को लेकर BRICS की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण हो रही है। ऐसे में “MOSАIC” की अवधारणा समूह की कार्यशैली को समझने का एक सरल लेकिन प्रभावी तरीका प्रस्तुत करती है।
CEEW Leaders’ Dialogue में सामने आया यह विचार इस बात को रेखांकित करता है कि विविधता हमेशा कमजोरी नहीं होती—सही दिशा और साझा उद्देश्य के साथ यही विविधता वैश्विक साझेदारी की सबसे बड़ी ताकत बन सकती है।
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