तहलका टुडे इंटरनेशनल डेस्क
नई दिल्ली। ईरान की क़ौमी अदालतों के सरबराह और क़ज़ाईया के सरदार आयतुल्लाह ग़ुलाम-हुसैन मोहसेनी-एजेई ने ईरानी और हिंदुस्तानी ताजिरों के लिए अहम ऐलान करते हुए कहा है कि ईरान की अदालतें दोनों मुल्कों के बीच तिजारती और मआशी सरगर्मियों से जुड़े क़ानूनी और अदालती मामलों को तेज़ी से निपटाने और आसान बनाने के लिए हर मुमकिन मदद करेंगी।
नई दिल्ली में शुक्रवार को ईरानी और हिंदुस्तानी कारोबारी और मआशी शोबों से जुड़े अफ़राद से मुलाक़ात के दौरान आयतुल्लाह मोहसेनी-एजेई ने कहा कि ईरान और हिंदुस्तान के बीच माली और तिजारती ताल्लुक़ात को फ़रोग़ देने के रास्ते में आने वाली रुकावटों को दूर करना वक़्त की अहम ज़रूरत है।
उन्होंने कहा कि ईरान की क़ज़ाईया इस बात के लिए तैयार है कि ताजिरों की शिकायतें और उनके सामने आने वाली क़ानूनी रुकावटों को सीधे सुना जाए, ताकि मुतअल्लिक़ा इदारों के साथ मिलकर क़ानून के दायरे में उनका हल तलाश किया जा सके।
सदियों पुराने तिजारती रिश्तों का हवाला
ईरानी क़ज़ाईया के सरबराह ने ईरान और हिंदुस्तान के बीच तवील और तारीख़ी तिजारती ताल्लुक़ात का ज़िक्र करते हुए कहा कि दोनों मुल्कों के कारोबारी रिश्तों को किसी भी रुकावट की वजह से मुतास्सिर नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ईरान और हिंदुस्तान के बीच तिजारत को बढ़ाने के लिए हुकूमतों के साथ-साथ दोनों मुल्कों की कारोबारी बिरादरियों के बीच भी मज़ीद तआवुन ज़रूरी है।
अमेरिकी इक्तेसादी दबाव भी एक बड़ी वजह—एजेई
आयतुल्लाह मोहसेनी-एजेई ने ईरानी और हिंदुस्तानी ताजिरों को दरपेश कुछ मुश्किलात का ज़िक्र करते हुए कहा कि इन चुनौतियों की एक वजह ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिका की इक्तेसादी जंग और पाबंदियां भी हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों मुल्कों की हुकूमतों और कारोबारी शोबों के बीच बेहतर राब्ता और बाहमी तआवुन इन मुश्किलात पर क़ाबू पाने में अहम किरदार अदा कर सकता है।
“ईरानी अदालतें ताजिरों की हर मुमकिन मदद करेंगी”
ईरानी क़ज़ाईया के सरबराह आयतुल्लाह ने यक़ीन दिलाया कि ईरान की क़ज़ाईया अपने क़ानूनी इख़्तियारात की हद में रहते हुए ताजिरों और मआशी कारकुनों को हर मुमकिन मदद फ़राहम करेगी।
उन्होंने कहा कि मक़सद सिर्फ़ अदालती मामलों को तेज़ करना नहीं, बल्कि ईरान और हिंदुस्तान के दरमियान तिजारती रिश्तों को मज़ीद मज़बूत और फ़रोग़ देना भी है।
ग़ौरतलब है कि आयतुल्लाह मोहसेनी-एजेई ब्रिक्स समिट में शिरकत के लिए हिंदुस्तान के दौरे पर हैं, जहां दोनों मुल्कों के बीच तिजारत, मआशियत और बाहमी तआवुन को बढ़ाने के मुद्दे अहमियत रखते हैं।




