अशोकनगर, मध्य प्रदेश | तहलका टुडे डेस्क
अशोकनगर। असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक दशहरा पर्व पर अशोकनगर में उत्साह और धार्मिक उल्लास का माहौल देखने को मिला। नगर पालिका परिषद अशोकनगर के तत्वावधान में नई गल्ला मंडी के समीप स्थित स्टेडियम क्षेत्र में भव्य दशहरा उत्सव एवं रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक इंजीनियर हरी बाबू की उपस्थिति रही। आयोजन ने भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों का संदेश दिया।
रावण दहन के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश
दशहरा भारतीय संस्कृति के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह पर्व समाज को याद दिलाता है कि अहंकार, अन्याय और अधर्म चाहे कितने ही शक्तिशाली क्यों न दिखाई दें, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है। अशोकनगर में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम इसी पारंपरिक संदेश का प्रतीक बना।
नई गल्ला मंडी के समीप स्टेडियम क्षेत्र में आयोजित इस उत्सव के दौरान दशहरा पर्व की सांस्कृतिक और धार्मिक महत्ता प्रमुखता से सामने आई। रावण दहन की परंपरा के माध्यम से लोगों को बुराइयों का त्याग करने, सदाचार अपनाने और समाज में सकारात्मक मूल्यों को मजबूत बनाने की प्रेरणा मिली।
विधायक इंजीनियर हरी बाबू की उपस्थिति रही आकर्षण का केंद्र
दशहरा उत्सव में अशोकनगर के विधायक इंजीनियर हरी बाबू की उपस्थिति रही। दशहरा जैसे पारंपरिक पर्व सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का महत्वपूर्ण अवसर होते हैं। ऐसे आयोजन स्थानीय नागरिकों को अपनी परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ समाज में एकता और सद्भाव की भावना को भी मजबूत करते हैं।
नगर पालिका परिषद के तत्वावधान में हुआ आयोजन
नगर पालिका परिषद अशोकनगर के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में आयोजन से जुड़े प्रमुख नामों में नीरज मानोरिया और श्रीमती रीना मनोज शर्मा शामिल रहे। आयोजन का उद्देश्य दशहरा पर्व की परंपरा को आगे बढ़ाने और नगर की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाने के संदेश से जुड़ा रहा।
दशहरा उत्सव भारतीय समाज की उस सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें धर्म, न्याय, मर्यादा और कर्तव्य को विशेष महत्व दिया जाता है। भगवान श्रीराम का जीवन लोगों को कठिन परिस्थितियों में भी सत्य के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है।
भगवान श्रीराम के आदर्श आज भी प्रासंगिक
दशहरा केवल रावण के पुतले के दहन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अपने भीतर मौजूद अहंकार, क्रोध, छल, अन्याय और नकारात्मकता को समाप्त करने का भी संदेश देता है। भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज में ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, परस्पर सम्मान और मानवीय मूल्यों को मजबूत किया जा सकता है।
अशोकनगर में आयोजित दशहरा उत्सव ने इसी सांस्कृतिक परंपरा और सत्य की विजय के संदेश को रेखांकित किया। धार्मिक आस्था और भारतीय संस्कृति से जुड़े ऐसे आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने तथा आपसी सद्भाव की भावना को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
तहलका टुडे की रिपोर्ट: अशोकनगर का दशहरा उत्सव भारतीय संस्कृति, परंपरा और नैतिक मूल्यों के उस संदेश को समर्पित रहा, जो हर युग में समाज को सत्य, न्याय और अच्छाई के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।




