रूदौली का चमकता सितारा : डॉ. वासिफ़ रज़ा ने बढ़ाया भारत और अयोध्या का मान, फादर डॉ. निहाल रज़ा की विरासत को आगे बढ़ाते हुए बेटे ने हासिल किया अंतरराष्ट्रीय मुकाम, रॉयल कॉलेज ऑफ फिज़ीशियंस एंड सर्जन्स ऑफ ग्लासगो (RCPSG) ने उन्हें भारत के लिए इंटरनेशनल एडवाइजर किया नियुक्त

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तहलका टुडे टीम/अजीज हैदर

रूदौली (अयोध्या) – कहा जाता है कि असली पहचान वही है जो इंसान अपनी मेहनत और कर्मों से बनाए। इस कहावत को साकार किया है रूदौली के होनहार सपूत और प्रख्यात कोलोरेक्टल एवं जनरल सर्जन डॉ. वासिफ़ रज़ा ने। ब्रिटेन की ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित संस्था रॉयल कॉलेज ऑफ फिज़ीशियंस एंड सर्जन्स ऑफ ग्लासगो (RCPSG) ने उन्हें भारत के लिए इंटरनेशनल एडवाइजर नियुक्त कर सम्मानित किया है।

यह सम्मान न सिर्फ़ उनके लिए, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और ख़ासतौर से रूदौली की मिट्टी के लिए एक स्वर्णिम उपलब्धि है। डॉ. वासिफ़ रज़ा इस पद पर पहुँचने वाले प्रदेश के पहले चिकित्सक बने हैं।

दादा और वालिद से विरासत को बेटे ने दी ऊँचाई

डॉ. वासिफ़ रज़ा के वालिद  डॉ. निहाल रज़ा, एक प्रतिष्ठित चिकित्सक और समाजसेवी के रूप में लंबे समय से लोगों की सेवा करते आ रहे हैं। उनकी ईमानदारी, सरलता और समाजहित की सोच ने न सिर्फ़ उन्हें लोकप्रिय बनाया बल्कि उनके बेटे डॉ. वासिफ़ रज़ा के लिए प्रेरणा का स्तंभ भी बनी।
समाजसेवा की इसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए डॉ. वासिफ़ रज़ा ने चिकित्सा के क्षेत्र में अपना नाम देश ही नहीं, दुनिया में रोशन किया।

चिकित्सा क्षेत्र में योगदान

डॉ. वासिफ़ रज़ा को चिकित्सा जगत में मिनिमली इनवेसिव (लेप्रोस्कोपिक) सर्जरी और कोलोरेक्टल सर्जरी का विशेषज्ञ माना जाता है।
उनकी विशेष दक्षता इन क्षेत्रों में है:

  • कोलोरेक्टल कैंसर की स्क्रीनिंग और इलाज
  • पाइल्स, फिशर, फिस्टुला जैसी बीमारियों का आधुनिक उपचार
  • हर्निया, अपेंडिक्स और पित्त की थैली की जटिल सर्जरी
  • लोअर जीआई एंडोस्कोपी और इमरजेंसी जनरल सर्जरी

उन्होंने अब तक हज़ारों मरीजों को नई ज़िंदगी दी है और अपनी संवेदनशीलता व प्रोफ़ेशनलिज़्म से लोगों का दिल जीता है।

अंतरराष्ट्रीय अनुभव और पहचान

डॉ. वासिफ़ रज़ा ने ब्रिटेन के NHS (नेशनल हेल्थ सर्विस) में लगभग 8 वर्षों तक सेवाएँ दीं और वहाँ के बड़े-बड़े अस्पतालों में काम किया।
उनकी उत्कृष्ट कार्यशैली और रिसर्च के कारण उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर सम्मान मिला।
अब ब्रिटेन की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित संस्थाओं में से एक, RCPSG ने उन्हें भारत के लिए इंटरनेशनल एडवाइजर बनाकर न सिर्फ़ उनकी प्रतिभा को सराहा है बल्कि भारत की चिकित्सा जगत की साख भी बढ़ाई है।

शोध और अकादमिक योगदान

डॉ. वासिफ़ रज़ा ने कई महत्वपूर्ण शोधपत्र लिखे हैं, जिनमें Transanal Resection of Rectal Cancer (2019) प्रमुख है।
उन्होंने कोलोरेक्टल सर्जरी के अलावा COVID-19, पोस्ट-ऑपरेटिव पेन मैनेजमेंट और नई सर्जिकल तकनीकों पर भी शोध प्रस्तुत किए।

रूदौली की मिट्टी का सच्चा बेटा

आज जब डॉ. वासिफ़ रज़ा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है, तो रूदौली और अयोध्या का हर व्यक्ति गर्व महसूस कर रहा है।
छोटे कस्बे से निकलकर अपनी मेहनत, लगन और ईमानदारी से उन्होंने यह साबित किया है कि सपनों को साकार किया जा सकता है।
उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देती है कि अगर जज़्बा और लगन हो, तो दुनिया की कोई भी मंज़िल बड़ी नहीं।

डॉ. निहाल रज़ा ने समाज सेवा और चिकित्सा के क्षेत्र में जो मिसाल कायम की थी, उनके सुपुत्र डॉ. वासिफ़ रज़ा ने उसी राह पर चलते हुए न सिर्फ़ परिवार का नाम रोशन किया, बल्कि रूदौली और पूरे देश की शान भी बढ़ाई।
आज उनका नाम चिकित्सा जगत की ऊँचाइयों पर है और उनकी उपलब्धियाँ युवा चिकित्सकों और छात्रों के लिए प्रेरणास्त्रोत बनी हुई हैं।

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