जब जजों के खिलाफ गुमनाम शिकायतें हो सकती हैं, तो पत्रकारों पर फर्जी इल्जाम कौन-सी बड़ी बात है? भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले पत्रकार को आरोपों में डुबो देना—क्या यही सच की कीमत है?
तहलका टुडे टीम कभी-कभी लोकतंत्र की सबसे कड़वी तस्वीर अदालत की चौखट…

