नजफ़-ए-हिंद, जोगीपुरा-जहाँ मौला अली (अ.स.) की याद ने एक गाँव को अमर कर दिया, एक वक्फ़नामे, एक करामत और एक खानदान की चार सौ साल की दास्तान “जायदादें वारिसों में बँट जाती हैं, लेकिन अमानतें सदियों तक इंसानियत की हो जाती हैं…”
नजफ़-ए-हिंद, जोगीपुरा जहाँ मौला अली (अ.स.) की याद ने एक गाँव को…
💔 21 रमज़ान: हर जर्रे ने रोकर पुकारा—”या अली मौला, हैदर मौला!” ✨ इंसाफ़, तक़वा और हक़ के अमीर की शहादत पर दुनिया भर में मातम
तहलका टुडे टीम/मोहम्मद हैदर,अली मुस्तफा 21 रमज़ान की तारीख़, एक ऐसी सुबह…

