Uttarakhand News: आस्था के साथ स्वच्छता की मुहिम तेज, चारधाम में अब तक 798 टन कचरा हटाया; धामी सरकार का प्लास्टिक मुक्त यात्रा पर जोर…

Dhuval Jain
4 Min Read

देहरादून. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की चारधाम यात्रा को स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाए जाने की मुहिम रंग लाई है. मुख्यमंत्री के आह्वान पर जहां श्रद्धालु धामों की पवित्रता और स्वच्छता के प्रति जागरूक हुए हैं, वहीं सफाई व्यवस्था के लिए जिम्मेदार विभागों की कार्य संस्कृति में भी बदलाव आया है. नगर पंचायतों के प्रयासों से इस यात्राकाल में अब तक 798 टन कचरा एकत्रित किया जा चुका है. श्री केदारनाथ, श्री बदरीनाथ और गंगोत्री में नगर पंचायत प्रशासन विशेष अभियान चलाकर कचरे को निस्तारित कर रहा है. यमुनोत्री में सफाई की व्यवस्था जिला पंचायत के जिम्मे है.

श्री केदारनाथ धाम नगर पंचायत क्षेत्र में इस यात्रा सीजन के दौरान अब तक कुल 32 टन सॉलिड वेस्ट एकत्रित किया जा चुका है, जिसमें 20 टन प्लास्टिक वेस्ट शामिल है. इस बार धाम में शहरी विकास विभाग द्वारा एक अतिरिक्त कॉम्पेक्टर मशीन लगाई गई है. इस तरह जमा सॉलिड वेस्ट को गौरीकुंड पहुंचाया जा रहा है, जिसके बाद इसे नीलाम किया जाएगा. इधर श्री केदारनाथ धाम के पैदल मार्ग एवं सफाई का प्रबंधन सुलभ इंटरनेशनल द्वारा किया जाता है. संस्था इस यात्रा सीजन में अब तक 270 टन सॉलिड वेस्ट जमा कर चुकी है, जिसमें से अब तक साढ़े छह टन प्लास्टिक वेस्ट, रिसाइकिल के लिए भेजा जा चुका है.

श्री बदरीनाथ धाम में इस यात्रा सीजन के दौरान अब तक कुल 393 टन कचरा जमा हो चुका है. इसमें से 161 टन सूखा कूड़ा है. बदरीनाथ नगर पंचायत द्वारा धाम में ही सॉलिड वेस्ट को कॉम्पेक्ट किया जा रहा है, इस आधार पर अब तक करीब 24 टन प्लास्टिक वेस्ट को अलग निकाला जा चुका है, जिसमें सर्वाधिक प्लास्टिक वेस्ट पानी की बोतलों का है. इस जमा प्लास्टिक वेस्ट को अब नीलामी के लिए तैयार किया जा रहा है.

श्री गंगोत्री धाम में यात्राकाल में अब तक कुल 98 टन कचरा एकत्रित किया जा चुका है. इसमें नगर पंचायत 22 टन प्लास्टिक कचरे को रिसाइकिल कर इससे ₹55,000 की आय भी अर्जित कर चुकी है. इसके अलावा ढाई टन खाद भी कूड़े से तैयार की गई है. धाम क्षेत्र में सफाई और पर्यावरण संरक्षण के लिए नगर पंचायत की ओर से हर रोज विशेष सफाई अभियान संचालित किया जा रहा है.

श्री यमुनोत्री धाम यात्रा मार्ग में 4.85 टन प्लास्टिक कचरा एकत्रित कर उसका सुरक्षित निस्तारण किया गया है. इसमें 1790 किलो जानकीचट्टी बाजार से ग्रामीण बाजार डामटा तक और 3060 किलो जानकीचट्टी से खरसाली बाजार क्षेत्र से एकत्रित किया गया है. यहां सफाई का जिम्मा जिला पंचायत के पास है.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अभियान के सकारात्मक परिणामों को लेकर कहा कि “चारधाम हमारी आस्था और संस्कृति के साथ-साथ हिमालय की संवेदनशील पारिस्थितिकी का भी हिस्सा है. हम चारधाम यात्रा को स्वच्छ, सुगम और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. चारों धामों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण, प्लास्टिक कचरे के रिसाइकिल किए जाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. इस अभियान की सफलता के लिए सरकार के साथ श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और व्यापारियों की सहभागिता भी जरूरी है.

Share This Article