तहलका टुडे टीम
अकबरपुर, Ambedkar Nagar
भारत के संविधान निर्माता B. R. Ambedkar के नाम से स्थापित अंबेडकरनगर की धरती पर रविवार को विश्व शांति और न्याय की पुकार गूंज उठी। अकबरपुर के मीरानपुर स्थित ऐतिहासिक शाही इमामबाड़े में ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei की स्मृति में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम अंजुमन अकबरिया (रजिस्टर्ड), अकबरपुर के तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में उलेमा, बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता, नौजवान और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
संविधान और संप्रभुता का संदर्भ
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि जिस जनपद का नाम संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर के नाम पर है, वहां अन्याय और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन के विरुद्ध आवाज़ उठना स्वाभाविक है।
सभा में वक्ताओं ने ईरान पर हुए हमले की निंदा करते हुए कहा कि किसी भी संप्रभु राष्ट्र के सर्वोच्च नेतृत्व को निशाना बनाना वैश्विक शांति, अंतरराष्ट्रीय कानून और कूटनीतिक मर्यादाओं के विरुद्ध है।
“शहादत विचार बन जाती है”
सभा की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ शिया धर्मगुरु मौलाना अकबर अली ने कहा:
“इतिहास गवाह है कि जो लोग सिद्धांतों पर अडिग रहते हैं, वे केवल व्यक्ति नहीं रहते—वो एक विचारधारा बन जाते हैं। अन्याय के विरुद्ध उठी आवाज़ कभी दबाई नहीं जा सकती।”
मौलाना नदीम ने कहा कि विश्व समुदाय को टकराव की राजनीति से ऊपर उठकर संवाद और शांति का रास्ता अपनाना चाहिए।
मौलाना मोहम्मद अब्बास और मौलाना शीराजी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि नेतृत्व का वास्तविक उद्देश्य इंसाफ, आत्मसम्मान और एकता का संदेश देना होता है।
बढ़ती वैश्विक अस्थिरता पर चिंता
मौलाना मीसम अली और मौलाना शाहिद ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती अस्थिरता पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि निर्दोषों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की हिंसा मानवता के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।
वक्ताओं ने कहा कि स्थायी शांति केवल सैन्य शक्ति से नहीं, बल्कि न्याय, संवाद और परस्पर सम्मान से स्थापित होती है।
बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी
कार्यक्रम का संचालन आरिफ अनवर एवं अंजुमन अध्यक्ष रेहान ज़ैदी ने किया।
सभा में गालिब अब्बास, मुराद अली, सद्दाम हुसैन, इफ्तेखार हुसैन, अली अस्करी नकवी, अहमद मेहदी, कल्बे आबिद, रज़ा अनवर, यासिर हुसैन, जफर अब्बास, डॉ. सै. हुसैनी, रईस हुसैन, अफरोज मनिहार, रेहान अब्बास, जामिन सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
विशेष रूप से महिलाओं की उल्लेखनीय उपस्थिति ने कार्यक्रम को भावनात्मक और संवेदनशील स्वरूप प्रदान किया।
शांति और दुआ के साथ समापन
सभा के अंत में दिवंगत नेता की स्मृति में दुआ की गई तथा विश्व में स्थायी शांति, न्याय और मानवता की रक्षा के लिए प्रार्थना की गई।
अंबेडकरनगर की इस श्रद्धांजलि सभा ने यह संदेश दिया कि
संविधान, न्याय और अंतरराष्ट्रीय मर्यादाओं का सम्मान ही विश्व शांति का आधार है।





