तहलका टुडे डेस्क /सदाचारी लाला उमेश चंद्र श्रीवास्तव /मोहम्मद वसीक
लखनऊ:उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड में अब सबसे बड़ा सवाल है—नए बोर्ड का गठन कब होगा और मौजूदा नेतृत्व की कानूनी स्थिति क्या है? 22 अक्टूबर 2021 को जारी सरकारी गजट में आठ सदस्यों की नियुक्ति पांच वर्ष के लिए किए जाने का स्पष्ट उल्लेख है। 22 अक्टूबर 2026 आते-आते इस नियुक्ति अवधि का सवाल फिर केंद्र में है। अब सरकार को बोर्ड की मौजूदा स्थिति और आगे की प्रक्रिया पर स्पष्टता देनी चाहिए।
मामला सिर्फ तारीखों का नहीं है। प्रदेश की शिया वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन, मुतवल्लियों की नियुक्तियां, लंबित विवाद और प्रशासनिक जवाबदेही भी इसी व्यवस्था से जुड़े हैं। ऐसे में नए गठन को लेकर किसी भी देरी या अनिश्चितता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
सरकारी गजट बना सबसे अहम दस्तावेज
उत्तर प्रदेश शासन की अधिसूचना संख्या 1890/LII-2-2021-2(255)-03T.C., दिनांक 22 अक्टूबर 2021 में वक्फ अधिनियम, 1995 की धारा 14(9) के अंतर्गत आठ सदस्यों की नियुक्ति की गई थी। अधिसूचना में पांच वर्ष की अवधि और राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से उसके प्रभावी होने का उल्लेख है।
इस सूची में अली जैदी सहित बेगम नूर बानो उर्फ मेहताब जमानी अली खान, मोहम्मद जरयाब जमाल रिजवी, सैयद शबाहत हुसैन, सैयद वसीम रिजवी, सैयद फैजी, मौलाना रजा हुसैन और डॉ. नरूस हसन नकवी के नाम शामिल हैं।
गजट का संदेश स्पष्ट है—नियुक्ति की अवधि निर्धारित थी। लेकिन अब निर्णायक प्रश्न यह है कि राजपत्र में वास्तविक प्रकाशन की तारीख क्या थी, क्या बाद में कोई विस्तार या अन्य आदेश जारी हुआ और नए बोर्ड के गठन तक कौन-सी वैधानिक व्यवस्था लागू होगी?
अली जैदी की कुर्सी पर भी निगाहें
18 नवंबर 2021 की अलग सरकारी अधिसूचना में अली जैदी के अध्यक्ष चुने जाने का उल्लेख है। इसलिए सदस्यता की अवधि और अध्यक्ष पद की कानूनी स्थिति को संबंधित आदेशों के साथ पढ़ना आवश्यक है।
स्पष्ट करना चाहिए कि अध्यक्ष और सदस्यों के संबंध में वर्तमान वैधानिक स्थिति क्या है और नए गठन के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। क्या नए बोर्ड के गठन का कार्यक्रम घोषित होगा, क्या नामांकन प्रक्रिया पारदर्शी होगी और क्या सरकार वक्फ प्रशासन में जवाबदेही को प्राथमिकता देगी?
इन सवालों का जवाब किसी राजनीतिक बयान से नहीं, बल्कि आधिकारिक आदेश और राजपत्र अधिसूचना से मिलना चाहिए।
हसन रज़ा और जीशान रिजवी से जुड़े आदेश भी चर्चा में
वक्फ बोर्ड के प्रशासनिक मामलों में हसन रज़ा के विरुद्ध दो चार्जशीट तथा CEO जीशान रिजवी से संबंधित न्यायिक आदेशों में सजा स्टे नहीं मिला को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। यदि इन मामलों में विभागीय कार्रवाई या सजा के आदेश मौजूद हैं, तो उनके वास्तविक कानूनी प्रभाव, वर्तमान स्थिति और अनुपालन का विवरण सार्वजनिक रिकॉर्ड के आधार पर स्पष्ट किया जाना चाहिए।
क्या संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध जारी आदेशों का पद या प्रशासनिक अधिकारों पर कोई प्रभाव पड़ता है? क्या सक्षम प्राधिकारी ने आवश्यक कार्रवाई की? और क्या सरकार इन मामलों की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करेगी?
इन प्रश्नों का महत्व इसलिए है कि वक्फ संस्थाओं का संचालन कानून, पारदर्शिता और जवाबदेही के अनुरूप होना चाहिए। किसी आरोप, चार्जशीट, न्यायिक आदेश या सजा के प्रभाव को समझने के लिए संबंधित आदेश की भाषा और वर्तमान स्थिति देखना अनिवार्य है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बीच नए बोर्ड की कसौटी
15 सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने In Re: The Waqf (Amendment) Act, 2025 मामले में अंतरिम निर्देश दिए थे। फैसले के पैरा 209(iv) के अनुसार, 11 सदस्यों वाले राज्य वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों की संख्या तीन से अधिक नहीं होगी। पैरा 209(v) में जहां तक संभव हो, मुस्लिम समुदाय से CEO नियुक्त करने का प्रयास करने का निर्देश दिया गया।
नए बोर्ड के गठन में लागू अधिनियम, न्यायालय के निर्देशों और निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया का पालन आवश्यक होगा। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला अपने वर्तमान बोर्ड को तत्काल भंग करने का आदेश नहीं दिया था,
अब कार्यकाल भी पूरा हो गया।
पांच सीधे सवाल
- क्या 2021 के गजट के बाद बोर्ड की अवधि या गठन के संबंध में कोई नया आदेश जारी हुआ?
- नए बोर्ड के गठन की प्रक्रिया कब और किस चरण में है?
- अध्यक्ष अली जैदी और मौजूदा सदस्यों की वर्तमान कानूनी स्थिति क्या है?
- हसन रज़ा और जीशान रिजवी से संबंधित न्यायिक या विभागीय आदेशों पर क्या कार्रवाई हुई?
- शिया वक्फ संपत्तियों के संरक्षण और प्रशासनिक जवाबदेही के लिए सरकार की आगे की योजना क्या है?
अब निगाहें सरकार पर—आदेश कब आएगा?
पांच वर्ष के लिए जारी नियुक्ति अधिसूचना ने बोर्ड के नए गठन को लेकर महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए हैं। अब राज्य सरकार को वर्तमान स्थिति, लागू वैधानिक व्यवस्था और आगे की प्रक्रिया पर स्पष्ट रुख सामने रखना चाहिए।
बोर्ड की कुर्सी से बड़ा सवाल वक्फ संपत्तियों के भविष्य का है। सरकार बताए—नया गठन कब होगा, प्रक्रिया क्या होगी और प्रशासनिक जवाबदेही कैसे सुनिश्चित की जाएगी?
तहलका टुडे | दस्तावेज़ आधारित विशेष रिपोर्ट
दस्तावेज़ संदर्भ:
- 22 अक्टूबर 2021 की सदस्य नियुक्ति अधिसूचना: गजट का पाठ
- 18 नवंबर 2021 की अध्यक्ष चयन अधिसूचना: अली जैदी के चयन का आदेश
- 15 सितंबर 2025 का सुप्रीम कोर्ट फैसला: आधिकारिक PDF




