तहलका टुडे टीम
बारामती:
महाराष्ट्र की राजनीति को झकझोर देने वाली विमान दुर्घटना के बाद अब एक बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है—क्या यह महज़ एक दुखद हादसा था या इसके पीछे कोई और वजह छिपी है? राज्य के डिप्टी सीएम अजीत पवार की विमान दुर्घटना में मौत के बाद जांच एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं और मामले की हर पहलू से पड़ताल की जा रही है।
बुधवार को बारामती में लैंडिंग के दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विमान में सवार सभी छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के तुरंत बाद विमान आग का गोला बन गया और आसमान में दूर-दूर तक धुएं के गुबार दिखाई दिए। यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब बारामती को पवार परिवार का राजनीतिक गढ़ माना जाता है, जिससे इस घटना को लेकर संवेदनशीलता और बढ़ गई है।
जांच के घेरे में कई अहम बिंदु
सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसियां अब केवल तकनीकी खराबी तक सीमित नहीं हैं।
- विमान की मेंटेनेंस हिस्ट्री
- मौसम की वास्तविक स्थिति
- लैंडिंग के समय एयर ट्रैफिक कंट्रोल से हुई बातचीत
- पायलट की आख़िरी गतिविधियां
- उड़ान से पहले की सुरक्षा जांच
जैसे बिंदुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।
फिलहाल कोई निष्कर्ष नहीं
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस स्तर पर किसी साज़िश या आपराधिक एंगल की पुष्टि नहीं की जा सकती। जांच पूरी होने से पहले किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाज़ी होगी। फॉरेंसिक टीम, विमानन विशेषज्ञ और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर ब्लैक बॉक्स और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही हैं।
राजनीतिक और सामाजिक माहौल में शोक
अजीत पवार के निधन से महाराष्ट्र ही नहीं, देशभर की राजनीति में शोक की लहर है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। बारामती सहित आसपास के इलाकों में मातम का माहौल है।
जांच रिपोर्ट का इंतज़ार
अब सभी की निगाहें जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह साफ़ करेगी कि यह दुर्घटना तकनीकी चूक, मानवीय त्रुटि या किसी अन्य कारण से हुई। तब तक यह मामला सवालों और अटकलों के बीच बना रहेगा।




