तहलका टुडे टीम/सैयद रिज़वान मुस्तफ़ा
भारत–ईरान संबंधों के बीच एक बड़ा और सुरक्षा आधारित फैसला सामने आया है। ईरान ने भारतीय नागरिकों के लिए लागू वन-वे टूरिस्ट वीज़ा-फ्री सुविधा को 22 नवंबर 2025 से पूरी तरह निलंबित कर दिया है। इसके बाद अब साधारण भारतीय पासपोर्ट धारकों को ईरान में प्रवेश या ट्रांज़िट, दोनों के लिए पहले से वीज़ा प्राप्त करना आवश्यक होगा।
यह ऐतिहासिक फैसला ऐसे समय में आया है जब भारत में अमेरिका और इज़राइल की खुफ़िया गतिविधियों, संदिग्ध नेटवर्क और भू-राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर चिंता बढ़ी है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा कारणों और क्षेत्रीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह कदम अनिवार्य बन गया था।
अगवा, फिरौती और जॉब फ्रॉड — भारत का गंभीर इनपुट
भारत सरकार ने हाल ही में कई ऐसे मामलों की पुष्टि की जहाँ:
- भारतीय युवाओं को गल्फ देशों या यूरोप में नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया,
- वीज़ा-फ्री सुविधा का फायदा उठाकर उन्हें ईरान भेजा गया,
- और वहाँ पहुँचते ही कई लोगों का अपहरण कर फिरौती माँगी गई।
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार:
“भारतीय नागरिकों को झूठे रोजगार वादों और ट्रांज़िट की गलत जानकारी देकर ईरान भेजा जा रहा था। वीज़ा-फ्री सुविधा का इस्तेमाल अपराधी गिरोह कर रहे थे।”
ईरान का आधिकारिक आदेश — वीज़ा-मुक्त यात्रा 22 नवंबर 2025 से निलंबित
ईरान के आधिकारिक आदेश में कहा गया:
“साधारण भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए वीज़ा-मुक्त ‘वन-वे टूरिस्ट एंट्री’ की सुविधा 22 नवंबर 2025 से निलंबित कर दी गई है। अब हर भारतीय नागरिक को ईरान में प्रवेश या ईरान के ज़रिए ट्रांज़िट करने के लिए वीज़ा अनिवार्य है।”
इस आदेश से ट्रांज़िट यात्रियों को भी अब वीज़ा लेना होगा — यानी कोई भारतीय नागरिक ईरान के एयरपोर्ट का उपयोग केवल रुकने या आगे की उड़ान बदलने के लिए भी करना चाहता है, तो उसे वीज़ा अनिवार्य रूप से लेना होगा।
भारत की कड़ी एडवाइजरी — “किसी भी एजेंट पर भरोसा न करें”
MEA ने कहा:
“22 नवंबर 2025 से सभी भारतीयों को वीज़ा लेना अनिवार्य होगा।
सतर्क रहें। किसी भी एजेंट के माध्यम से वीज़ा-फ्री यात्रा या तीसरे देश में भेजने की बातों पर विश्वास न करें।”
क्यों लिया गया इतना बड़ा फैसला?
भारत में अमेरिका–इज़राइल की बढ़ती गतिविधियाँ
ईरान ने भारत में इन दोनों देशों की संदिग्ध खुफ़िया गतियों के बढ़ने को गंभीर सुरक्षा जोखिम माना है।
मानव तस्करी और ट्रांज़िट फ्रॉड
वीज़ा-फ्री सुविधा का इस्तेमाल गिरोहों ने भारतीय नागरिकों को फँसाने के लिए किया।
ईरान की सुरक्षा प्राथमिकता
इराक–सीरिया–गाज़ा क्षेत्र में तनाव, और वैश्विक भू-राजनीति ने ईरान को अपनी सुरक्षा नीतियों को पुनर्गठित करने के लिए बाध्य किया।
अब नया नियम क्या कहता है?
✔ 22 नवंबर 2025 के बाद हर भारतीय यात्री को वीज़ा लेकर ही ईरान में प्रवेश मिलेगा।
✔ ट्रांज़िट यात्राओं पर भी यही नियम लागू।
✔ एयरलाइन्स को आदेश —
- बोर्डिंग से पहले हर भारतीय यात्री का वीज़ा अनिवार्य रूप से चेक करें।
✔ बिना वीज़ा वाले भारतीय को फ्लाइट में चढ़ने ही नहीं दिया जाएगा।
भारत–ईरान संबंधों का नया मोड़
यह फैसला कठोर जरूर है, पर यह पूरा निर्णय सुरक्षा कारणों और अपराध रोकथाम को ध्यान में रखकर लिया गया है।
ईरान ने संकेत दिया है कि हालात सामान्य होने पर नीति में फिर से परिवर्तन किया जा सकता है।
भारत और ईरान के बीच सांस्कृतिक, धार्मिक, ऊर्जा और व्यापारिक संबंध मजबूत रहे हैं। यह कदम अस्थायी सुरक्षा नीति के रूप में देखा जा रहा है।
अमेरिका–इज़राइल की भारत में बढ़ती दख़लअंदाज़ी, नौकरी और ट्रांज़िट घोटाले, और नागरिकों की सुरक्षा को खतरा पैदा करने वाली घटनाओं ने ईरान को मजबूर किया कि वह भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा-फ्री व्यवस्था समाप्त कर दे।
यह फैसला ऐतिहासिक है — और आने वाले महीनों में भारत, ईरान और पूरी एशियाई भू-राजनीति पर इसका गहरा असर देखने को मिल सकता है।




