तहलका टुडे इंटरनेशनल डेस्क
तेहरान/न्यूयॉर्क, 26 सितंबर।खुदा का शुक्र है कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में ईरान का पक्ष मजबूती से रखने के बाद अब न्यूयॉर्क से तेहरान के लिए रवाना हो गए हैं। ईरानी समाचार एजेंसी Mehr के मुताबिक पेज़ेशकियान ने UNGA में भाग लेने और संबोधन के बाद ईरान वापसी की यात्रा शुरू कर दी है।
पेज़ेशकियान का यह दौरा ऐसे समय हुआ जब ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव, प्रतिबंधों और कूटनीतिक मतभेदों को लेकर पूरी दुनिया की निगाहें न्यूयॉर्क पर थीं।
UNGA में अमेरिका की नीतियों पर तीखा हमला
पेज़ेशकियान ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से सैन्य दबाव, प्रतिबंधों और धमकी की राजनीति की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ईरान दबाव के सामने आत्मसमर्पण नहीं करेगा और अपने अधिकारों की रक्षा करेगा। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान ने युद्ध शुरू नहीं किया और बातचीत तथा कूटनीति का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं किया है।
पेज़ेशकियान का संदेश दो तरफा रहा—ईरान पर दबाव स्वीकार नहीं होगा, लेकिन कूटनीति का दरवाजा भी बंद नहीं किया जाएगा।
इजराइल के खिलाफ भी उठाई आवाज़
राष्ट्रपति ने क्षेत्र में इजराइली सैन्य कार्रवाई और फिलिस्तीन के मुद्दे को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाया। ईरान का कहना है कि क्षेत्रीय संकट का समाधान सैन्य ताकत से नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून, संवाद और न्याय के आधार पर होना चाहिए।
हालांकि अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान की इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया गया है और दोनों पक्षों के बीच संघर्ष तथा आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
“ईरान झुकेगा नहीं”
UNGA के मंच से पेज़ेशकियान ने साफ संदेश दिया कि सैन्य कार्रवाई या आर्थिक प्रतिबंधों के जरिए ईरान को उसकी नीतियों से पीछे हटने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। साथ ही उन्होंने ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम के अधिकार को बनाए रखने की बात कही।
यही वजह रही कि उनके संबोधन को ईरान में राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना गया। रिपोर्टों के मुताबिक उनके UN भाषण पर ईरान के विभिन्न राजनीतिक खेमों से भी समर्थन की प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
न्यूयॉर्क में सिर्फ भाषण नहीं, कूटनीति भी
पेज़ेशकियान ने न्यूयॉर्क में कई देशों के नेताओं से मुलाकात की। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ के साथ बैठक में Islamabad MoU को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष कूटनीतिक संपर्क भी इस दौरे का अहम हिस्सा रहा। ईरानी अधिकारियों के अनुसार तेहरान बातचीत के रास्ते को पूरी तरह बंद नहीं कर रहा, हालांकि दोनों पक्षों के बीच अभी गंभीर मतभेद कायम हैं।
अब तेहरान की ओर वापसी
UNGA में ईरान का पक्ष रखने, विभिन्न देशों के नेताओं से मुलाकात करने और अंतरराष्ट्रीय मीडिया को इंटरव्यू देने के बाद पेज़ेशकियान न्यूयॉर्क से तेहरान के लिए रवाना हो गए हैं।
ईरान समर्थक हलकों में उनके इस दौरे को इस संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि दबाव हो या प्रतिबंध—ईरान अंतरराष्ट्रीय मंच से अपनी आवाज उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
न्यूयॉर्क में भाषण खत्म हुआ, लेकिन ईरान का संदेश साफ है—जंग नहीं, सम्मान के साथ कूटनीति; दबाव नहीं, संप्रभुता; और फिलिस्तीन के सवाल पर आवाज उठाना जारी रहेगा।




