तहलका टुडे टीम/ सदाचारी लाला उमेश चंद्र श्रीवास्तव/मोहम्मद वसीक
बाराबंकी से 36 किलोमीटर दूर, देवरा सादात स्थित रोजे जनाबे सकीना पर, शहीदाने करबला और हजरत जनाबे सकीना की याद में इमाम खुमैनी फाउंडेशन और टीएलएम हॉस्पिटल एवं काजमी हेल्थ एंड एजुकेशन सोसाइटी के संयुक्त प्रयास से डॉ. रेहान काजमी के नेतृत्व में एक दिवसीय मेडिकल आई-कैम्प का आयोजन किया गया।
शिविर का उद्घाटन इमाम खुमैनी फाउंडेशन के अजमी रिज़वी ने किया। टीएलएम हॉस्पिटल के सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता मुमताज अहमद ने बताया कि इस शिविर में नेत्र जांच, रक्तचाप, शुगर (डायबिटीज) और कुष्ठ रोग की जांच की गई। साथ ही मरीजों को यह भी बताया गया कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लक्षण कैसे पहचानें और उनसे बचाव कैसे करें।
मुमताज अहमद ने कहा, “मोतियाबिंद समय रहते पहचानने पर पूरी तरह ठीक हो सकता है। आज के शिविर में 16 मरीजों की मोतियाबिंद के लिए पहचान हुई और उन्हें मुफ्त ऑपरेशन के लिए अस्पताल भेजा गया। हम मरीजों को दवा, चश्मा और आवश्यक स्वास्थ्य सामग्री मुफ्त में प्रदान करते हैं।”
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. रेहान काजमी ने कहा, “हमारा उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद लोगों की आंखों की रोशनी को सुरक्षित रखना है। इस शिविर से समाज में सेवा और मानवता का संदेश जाता है।”
शिविर में कुल 203 मरीजों का परीक्षण किया गया, जिनमें 105 नेत्र रोगियों की जांच हुई। सभी मरीजों को मुफ्त दवा और चश्मा प्रदान किए गए।
जनाब आज़मी रिज़वी ने कहा, “इमाम खुमैनी फाउंडेशन बांटता है मुफ्त में नूर आंखों का गरीबों के चेहरे पर मुस्कान और अंधकार में रोशनी फैलाना हमारी जिम्मेदारी है।”
मोहम्मद अकील, पूर्व प्रधान ,मोहम्मद मिया प्रधान पश्चिम बिलाव, रज़ी, मौलाना मजाहिर हुसैन आलमपुर और अली मियां ने भी आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर समाज में सेवा और करुणा का उजाला फैलाते हैं।
अंजुमन फ़रोग़े अजा के मोअज्जम भाई और जावेद भाई समेत पूरी अंजुमन का योगदान इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम रहा। जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिलाधिकारी का सहयोग भी इस प्रयास को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण रहा।
यह शिविर न केवल गरीबों का मुफ्त इलाज करने में सफल रहा, बल्कि समाज में मानवता, करुणा और जागरूकता का संदेश भी फैलाया। यह साबित करता है कि जब समाज के सेवा भाव वाले लोग मिलकर काम करते हैं, तो अंधकार में भी उम्मीद की किरण जलाई जा सकती है।