तहलका टुडे टीम/सैयद रिज़वान मुस्तफा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश शासन ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं कृषि प्रशासन के अनुभवी अधिकारी श्री रविन्द्र (आईएएस, 1999 बैच) को एक और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपते हुए निदेशक, राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद, उत्तर प्रदेश का अतिरिक्त प्रभार दिया है। वह अपने वर्तमान पद प्रमुख सचिव, कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग के साथ यह नई जिम्मेदारी भी निभाएंगे।
शासन का यह निर्णय ऐसे समय में आया है, जब प्रदेश में कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण, किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादों के बेहतर विपणन और निर्यात को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि श्री रविन्द्र के प्रशासनिक अनुभव और कार्यशैली का लाभ अब राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद को भी मिलेगा।
प्रशासनिक अनुभव से भरपूर अधिकारी
श्री रविन्द्र भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के वर्ष 1999 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के अधिकारी हैं। वे अपनी सादगी, पारदर्शी कार्यशैली, तेज निर्णय क्षमता तथा परिणामोन्मुख प्रशासन के लिए जाने जाते हैं। प्रशासनिक सेवा में आने से पहले वे चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) रहे तथा लोक प्रशासन में उच्च शिक्षा प्राप्त की।
इन जिलों में रहे जिलाधिकारी
अपने प्रशासनिक जीवन में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जनपदों में जिलाधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य किया—
- कुशीनगर (19 जून 2004 – 16 दिसंबर 2004)
- संत रविदास नगर (भदोही) (16 दिसंबर 2004 – 4 जून 2005)
- महोबा (4 जून 2005 – 27 अप्रैल 2006)
- औरैया (28 अप्रैल 2006 – 22 मई 2007)
- बाराबंकी (16 अक्टूबर 2007 – 31 जुलाई 2008)
- वाराणसी (8 फरवरी 2010 – 31 मार्च 2012)
इन जिलों में उन्होंने कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों, ग्रामीण योजनाओं, राजस्व प्रशासन तथा जनहित से जुड़े अनेक कार्यों में प्रभावी नेतृत्व दिया।
महत्वपूर्ण प्रशासनिक दायित्व
जिलाधिकारी के अलावा उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं, जिनमें—
- मंडलायुक्त, वाराणसी
- मंडलायुक्त, अलीगढ़
- भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में निदेशक एवं संयुक्त सचिव स्तर की जिम्मेदारियां
- सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश
- वर्तमान में प्रमुख सचिव, कृषि विभाग सहित कई महत्वपूर्ण विभागों का दायित्व
कृषि क्षेत्र में व्यापक अनुभव
श्री रविन्द्र ने कृषि नीति, कृषि अनुसंधान, कृषि शिक्षा, कृषि विपणन, निर्यात संवर्धन तथा किसानों की आय बढ़ाने से जुड़े विषयों पर प्रभावी कार्य किया है। उनका विशेष जोर कृषि को आधुनिक तकनीक से जोड़ने, कृषि उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग, वैल्यू एडिशन, कृषि निर्यात को बढ़ावा देने तथा किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर रहा है।
मंडी परिषद को मिलेगा नया नेतृत्व
राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद किसानों और कृषि व्यापारियों के बीच सबसे महत्वपूर्ण संस्थाओं में से एक है। इसके माध्यम से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य, पारदर्शी मंडी व्यवस्था तथा आधुनिक विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
श्री रविन्द्र को इस संस्था का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने से कृषि विभाग और मंडी परिषद के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने की उम्मीद है। इससे प्रदेश की मंडियों के आधुनिकीकरण, डिजिटल सेवाओं के विस्तार, कृषि व्यापार को गति देने तथा किसानों को अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलने की संभावना है।
शासन की बड़ी पहल
प्रदेश सरकार का यह निर्णय कृषि क्षेत्र में सुशासन, पारदर्शिता और प्रभावी प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासनिक अनुभव, वित्तीय प्रबंधन की समझ और विकासोन्मुख दृष्टिकोण रखने वाले श्री रविन्द्र से उम्मीद की जा रही है कि वे अपनी नई जिम्मेदारी में भी प्रदेश की कृषि व्यवस्था को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।




