ईरान के नए राजदूत Dr. Mohammad Fathali: भारत-ईरान रिश्तों को नई दिशा देने की तैयारी
तहलका टुडे डेस्क/सैयद रिज़वान मुस्तफ़ा
नई दिल्ली।इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने भारत में अपने नए राजदूत के रूप में महामहिम डॉ. मोहम्मद फ़थ अली (Dr. Mohammad Fathali) को नियुक्त किया है। उन्होंने नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के माननीय चीफ़ ऑफ प्रोटोकॉल श्री अमित कुमार को अपने लेटर ऑफ़ क्रेडेंस की प्रति सौंपकर अपने औपचारिक कूटनीतिक कार्यकाल की शुरुआत की।
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत और ईरान बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच अपने ऐतिहासिक, आर्थिक और सामरिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
कौन हैं Dr. Mohammad Fathali? — एक अनुभवी और तेज-तर्रार कूटनीतिज्ञ
डॉ. फ़थ अली ईरान के सबसे अनुभवी और रणनीतिक सोच वाले राजनयिकों में गिने जाते हैं। उनकी पहचान एक शांत, कुशल, और परिणाम-केंद्रित कूटनीतिज्ञ की है।
उनकी प्रमुख जिम्मेदारियां और पिछले पद:
- लेबनान में ईरान के राजदूत
- उज़्बेकिस्तान में राजदूत
- ईरान के विदेश मंत्रालय के रिसर्च ऑफिस (शोध प्रभाग) के प्रमुख
इन सभी पदों पर उन्होंने जटिल क्षेत्रीय परिस्थितियों में अपने देश की विदेश नीति को मजबूती और स्थिरता प्रदान की।
उनकी विशेषज्ञता:
- पश्चिम एशिया की राजनीति और सामरिक वातावरण
- भारत-ईरान व्यापार, ऊर्जा और सुरक्षा संरचना
- अंतरराष्ट्रीय वार्ता, संकट प्रबंधन और बहुपक्षीय कूटनीति
- क्षेत्रीय स्थिरता एवं सांस्कृतिक कूटनीति
उनके अनुभव को देखते हुए, भारत के लिए उनका चयन ईरान की दीर्घकालिक नीति का संकेत है।
भारत में Dr. Fathali की नियुक्ति क्यों महत्वपूर्ण है?
भारत और ईरान के रिश्ते सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं हैं — दोनों देशों का रिश्ता सभ्यताओं, संस्कृति, व्यापार और भू-सामरिक जरूरतों पर आधारित है।
1. चाबहार पोर्ट और इंटरनेशनल ट्रेड कॉरिडोर
भारत-ईरान का चाबहार बंदरगाह न सिर्फ भारत का सबसे बड़ा रणनीतिक निवेश है बल्कि यह भारत को अफगानिस्तान, मध्य एशिया और यूरोप से जोड़ने वाला जीवनरेखा कॉरिडोर भी है।
Dr. Fathali इस प्रोजेक्ट को तेज गति देने में प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं।
2. ऊर्जा और तेल क्षेत्र में सहयोग
ईरान भारत के लिए एक ऐतिहासिक ऊर्जा-साझेदार रहा है।
उनकी नियुक्ति से तेल खरीद, गैस सहयोग और ऊर्जा सुरक्षा पर नए संवाद की उम्मीद मजबूत हुई है।
3. सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों को बढ़ावा
भारत और ईरान के बीच “सभ्यता का रिश्ता” हजारों साल पुराना है।
Dr. Fathali सांस्कृतिक कूटनीति को और मजबूत करने पर जोर देने वाले राजनयिक माने जाते हैं।
4. बदलते भू-राजनीतिक दौर में नए समीकरण
आज जब मध्य पूर्व, दक्षिण एशिया और इंडो-पैसिफिक में नए गठजोड़ बन रहे हैं, ऐसे समय में भारत-ईरान साझेदारी बेहद अहम है।
नियुक्ति से पहले विदेश मंत्री से मुलाकात — ‘समग्र संबंधों को मजबूत करने’ पर चर्चा
पदभार ग्रहण करने से पहले डॉ. फ़थ अली ने ईरान के विदेश मंत्री से मुलाकात की, जिसमें उन्होंने भारत को ईरान का “रणनीतिक और विश्वसनीय सहयोगी” बताया।
इस मुलाकात में निम्न मुद्दों पर विशेष बातचीत हुई:
- द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाना
- ट्रांजिट और लॉजिस्टिक सहयोग
- क्षेत्रीय सुरक्षा और राजनीतिक संवाद
- शिक्षा, पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियां
- तकनीकी, विज्ञान और अकादमिक साझेदारी
भारत में उनके कार्यकाल से क्या उम्मीदें?
Dr. Fathali के भारत आने से कई उम्मीदें जुड़ी हैं:
1. चाबहार और INSTC पर तेज प्रगति
भारत-ईरान रूस-यूरोप कॉरिडोर में नई जान आ सकती है।
2. ऊर्जा सहयोग पर नए समझौते
प्रतिबंधों के बावजूद ऊर्जा-व्यापार के वैकल्पिक रास्ते तलाशे जा सकते हैं।
3. व्यापार को $30 बिलियन तक बढ़ाने का रोडमैप
दोनों देशों का लक्ष्य अपने व्यापार को कई गुना बढ़ाना है।
4. सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों को बढ़ावा
विशेष रूप से उत्तर भारत में फारसी-ईरानी सांस्कृतिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
5. क्षेत्रीय शांति पर समन्वय
ईरान की कूटनीति में भारत की भूमिका अहम मानी जाती है।
भारत -ईरान रिश्तों का नया अध्याय
Dr. Mohammad Fathali की नियुक्ति भारत-ईरान संबंधों में नए विश्वास, नई ऊर्जा और नए दृष्टिकोण के साथ एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
उनका अनुभव, समझ और शांत स्वभाव दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्तर पर मजबूत और स्थायी साझेदारी बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
ईरान ने भारत के प्रति अपने भरोसे को इस नियुक्ति से एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि वह भारत के साथ दीर्घकालिक और बहुआयामी संबंधों को और गहरा करना चाहता है।




