हसनैन मुस्तफा/तहलका टुडे टीम
लखनऊ। कभी लखनऊ की पहचान चौक की गलियों, इमामबाड़ों, चिकनकारी, पान की खुशबू और अदब की धीमी आवाज़ से होती थी। अब उसी शहर की एक नई तस्वीर सामने है—जहां अचार की पुरानी खुशबू के साथ आधुनिक पैकेजिंग है, रसोई के पारंपरिक स्वाद के साथ अत्याधुनिक मशीनें हैं और छोटे उद्यमी के सपने के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने की तैयारी है।
गोमती नगर स्थित Regalia Greens में 18 से 20 सितंबर 2026 तक आयोजित 11वें India Food Expo-2026 में यही बदलता हुआ उत्तर प्रदेश दिखाई दिया। Expo का आयोजन Indian Industries Association (IIA) ने किया है। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार तीनों दिन प्रदर्शनी का समय सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक रखा गया।
इस आयोजन में 100 से अधिक exhibitors की भागीदारी है। मौजूदा exhibitor listing में 108 exhibitors दर्ज हैं, जबकि आयोजकों ने 100+ stalls/exhibitors की पुष्टि की है। Expo से ₹750 करोड़ से ₹1,000 करोड़ तक के संभावित कारोबारी अवसर पैदा होने का अनुमान बताया गया है।
इसी बदलते औद्योगिक मंजर को देखने पहुंचे अम्बर फाउंडेशन के चेयरमैन वफ़ा अब्बास। उन्होंने पूरे Expo का मुआयना किया और अलग-अलग कंपनियों के उत्पाद, मशीनरी, पैकेजिंग, Kitchen Appliances तथा खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता को करीब से देखा।
“खुदा का शुक्र… अब लखनऊ बदल रहा है, उत्तर प्रदेश बदल रहा है”
Expo का मुआयना करने के बाद वफ़ा अब्बास ने कहा कि यह आयोजन केवल व्यापारिक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर है।
उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसदीय क्षेत्र लखनऊ की अपनी पहचान तहज़ीब, नफासत और अदब की है, लेकिन अब इस पहचान के साथ उद्योग, तकनीक और आधुनिक व्यापार भी जुड़ रहा है।
उनके शब्दों में, लखनऊ की तहज़ीब और नफासत में लिपटा यह Expo किसी International Expo से कम नहीं है।
उन्होंने कहा—
“खुदा का शुक्र है, अब लखनऊ बदल रहा है, उत्तर प्रदेश बदल रहा है। आज हम International स्तर तक पहुंच गए हैं।”
वफ़ा अब्बास ने कहा कि Expo में प्रदर्शित उत्पादों को देखकर यह महसूस होता है कि उत्तर प्रदेश के उद्यमियों में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल उन्हें बाजार, तकनीक, वित्त, ब्रांडिंग और अंतरराष्ट्रीय मानकों से जोड़ने की है।
एक्सपो में अरोड़ा के अचार ने रोके कदम
Expo के दौरान अरोड़ा फ्रूट इंडस्ट्री के अचार ने भी वफ़ा अब्बास का ध्यान आकर्षित किया।
अचार भारतीय घरों की रसोई का पुराना स्वाद है, लेकिन यहां वही पारंपरिक उत्पाद आधुनिक पैकेजिंग और व्यावसायिक प्रस्तुति के साथ दिखाई दिया।
वफ़ा अब्बास ने अरोड़ा के अचार की गुणवत्ता, पैकिंग और उत्पाद की प्रस्तुति की सराहना की।
यह दिलचस्प भी है कि IIA की अपनी Newsletter में Aroura Fruit Industry, जो 1944 से स्थापित बताई गई है, को “Unique Achaar Item” के लिए विशेष रूप से उल्लेखित किया गया है।
यही वह बदलाव है जिसकी जरूरत उत्तर प्रदेश के पारंपरिक खाद्य उत्पादों को है—
स्वाद पुराना रहे, गुणवत्ता बेहतर हो और पैकेजिंग ऐसी हो कि उत्पाद दुनिया के बाजार की शेल्फ पर जगह बना सके।
100 से ज्यादा प्रदर्शक, 108 नाम और पूरी Food Value Chain
इस Expo की खासियत सिर्फ खाद्य उत्पाद नहीं हैं। यहां Food Industry की लगभग पूरी Value Chain दिखाई दे रही है।
आधिकारिक exhibitor सूची में Mahesh Namkeen, Asian Thai Foods Lucknow, Samriddhi Packaging, Avadh Polytherms, Ashoka Foods and Dehydrates, Goyal Kitchen, Central Warehousing Corporation, CFTRI, FFDC, Shubham Goldiee Masale, Bajaj Herbs & Nutrition और Gyan Dairy जैसे नाम शामिल हैं। साथ ही Vietnam, Uganda और Rwanda के दूतावासों की भागीदारी भी exhibitor list में दर्ज है।
यानी यह केवल खाने का मेला नहीं है।
यहां—
Food Products + Processing Machinery + Packaging + Kitchen Equipment + Cold Chain + Warehousing + Technology + Finance + Export
एक ही मंच पर दिखाई दे रहे हैं।

Kitchen Appliances ने दिखाई बदलती रसोई
वफ़ा अब्बास ने Expo में Kitchen Appliances और खाद्य उद्योग से जुड़े आधुनिक उपकरणों को भी देखा।
उनके लिए यह बदलाव सिर्फ मशीनों का बदलाव नहीं था, बल्कि बदलती हुई भारतीय रसोई और बदलती उपभोक्ता जरूरतों का संकेत था।
आज ग्राहक स्वाद के साथ स्वच्छता, सुविधा, समय की बचत, बेहतर पैकेजिंग और भरोसेमंद गुणवत्ता चाहता है।
Food Expo में प्रदर्शित तकनीक यह दिखाती है कि आने वाले वर्षों में Kitchen Equipment और Food Processing Equipment भी Food Industry के बड़े हिस्सेदार बनने जा रहे हैं।
Food Processing: किसान से उपभोक्ता तक पूरी कहानी
उत्तर प्रदेश के पास विशाल कृषि आधार है। लेकिन किसान की उपज का सबसे बड़ा आर्थिक लाभ तभी पैदा होगा जब कच्चे माल को राज्य के भीतर ही Value Added Product में बदला जाए।
मिसाल के तौर पर—
आम → Pulp, Juice, Concentrate
आलू → Chips, French Fries और Processed Products
दूध → Paneer, Cheese, Ghee और अन्य Dairy Products
आंवला → Candy, Juice, Powder और Health Products
मिर्च-मसाले → Branded Packaged Spices
बाजरा → Flour, Cookies, Snacks और Ready-to-Cook Products
इस पूरी प्रक्रिया में किसान के अलावा Processing Unit, Packaging Industry, Transport, Cold Chain, Warehousing, Branding, Retail और Export तक रोजगार और कारोबार के अवसर पैदा होते हैं।
₹750–1,000 करोड़ का संभावित कारोबारी अवसर
इस Expo का आर्थिक पक्ष भी महत्वपूर्ण है।
IIA से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक 11वें India Food Expo से ₹750 करोड़ से ₹1,000 करोड़ तक के संभावित business opportunities पैदा होने की उम्मीद है। उद्देश्य विशेष रूप से Food Processing और Allied Sectors के MSMEs को बाजार, तकनीक और कारोबारी साझेदारियों से जोड़ना है।
यह रकम केवल बिक्री का आंकड़ा नहीं समझी जानी चाहिए। यह संभावित business opportunities का अनुमान है—अर्थात व्यापारिक समझौते, नए बाजार, निवेश, मशीनरी, साझेदारी और विस्तार जैसी संभावनाएं इसमें शामिल हो सकती हैं।
बैंक और संस्थाएं भी साथ—MSME को वित्त की तलाश
Expo में वित्तीय संस्थानों की मौजूदगी भी महत्वपूर्ण है।
IIA की सामग्री में Punjab National Bank, Central Bank of India, SIDBI, IDFC First Bank, Union Bank आदि संस्थानों को सहयोगी/भागीदार के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
Food Processing Unit शुरू करने वाले छोटे उद्यमी के लिए केवल मशीन खरीदना पर्याप्त नहीं है। उसे Working Capital, Term Loan, Packaging, Certification, Marketing और Distribution की भी जरूरत होती है।
इसलिए Food Expo में बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों की भागीदारी Food Industry के विस्तार की महत्वपूर्ण कड़ी बन जाती है।
सरकार, उद्योग और युवा—तीनों को जोड़ने की कोशिश
Expo में केवल कंपनियों को उत्पाद दिखाने का मौका नहीं दिया गया, बल्कि Food Processing Technology, Government Schemes, Export, Branding, Quality, Packaging और Business Expansion जैसे विषयों पर तकनीकी सत्र और Seminar भी रखे गए हैं।
IIA की जनवरी 2026 की Expo रिपोर्ट में भी Food Processing, Machinery, Advanced Technology, Startups, Skill Development, Packaging, Cold Chain और Allied Services को प्रमुख क्षेत्र बताया गया था तथा उस आयोजन में 4,000 से अधिक visitors आने की जानकारी दी गई थी।
“आने वाली नस्लों के लिए सीख है यह Expo”
वफ़ा अब्बास ने Expo को आने वाली पीढ़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण बताया।
उनका कहना है कि युवा यहां यह सीख सकते हैं कि कारोबार केवल पूंजी लगाने का नाम नहीं है।
एक सफल उत्पाद के पीछे—
Idea → Quality → Technology → Processing → Packaging → Branding → Marketing → Finance → Market → Export
की पूरी श्रृंखला होती है।
यही कारण है कि स्थानीय स्तर पर बनने वाला छोटा-सा उत्पाद भी सही तरीके से तैयार और प्रस्तुत किया जाए तो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सकता है।
लखनऊ की तहज़ीब से उत्तर प्रदेश की Industrial Identity तक
शायद इस Expo की सबसे खूबसूरत तस्वीर यही है।
एक तरफ लखनऊ की तहज़ीब है।
दूसरी तरफ आधुनिक मशीनें।
एक तरफ अरोड़ा के अचार की पारंपरिक खुशबू है।
दूसरी तरफ आधुनिक पैकेजिंग।
एक तरफ छोटे उद्यमी का सपना है।
दूसरी तरफ International Market।
और इन सबके बीच खड़ा है बदलता हुआ उत्तर प्रदेश।
वफ़ा अब्बास का यह कहना कि “अब लखनऊ बदल रहा है, उत्तर प्रदेश बदल रहा है”, दरअसल इसी परिवर्तन की ओर इशारा करता है।
उत्तर प्रदेश के Food Sector का अगला अध्याय
अगर Food Processing को किसानों से जोड़ा गया, स्थानीय उत्पादों को आधुनिक Packaging और Branding मिली, युवाओं को Skill और Entrepreneurship से जोड़ा गया, MSMEs को Finance मिला और उत्पादों को Export Market मिला तो उत्तर प्रदेश केवल देश का बड़ा कृषि उत्पादक राज्य नहीं रहेगा—वह Value-Added Food Products का बड़ा औद्योगिक केंद्र भी बन सकता है।
लखनऊ का India Food Expo इसी संभावित भविष्य की एक झलक है।
अचार से शुरू हुई कहानी अब International Shelf तक पहुंचने की कहानी बन सकती है।
और शायद लखनऊ की यही नई तस्वीर है—
“अदब वही, तहज़ीब वही… मगर हाथों में अब हुनर के साथ उद्योग की रफ्तार भी है।”




