Barabanki / Ayodhya | Tahalka Today | International Desk/Syed Ali Mustafa
जब दुनिया की महाशक्तियाँ चुप हैं,
जब गाज़ा में लाशें गिनती जा रही हैं,
जब ईरान को खुलेआम धमकियाँ दी जा रही हैं—
तभी भारत की धरती से एक आवाज़ उठी है जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है।
पुरुषोत्तम श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या के द्वार और देवा महादेवा की धरती बाराबंकी से
गांधी जयंती ट्रस्ट के संयोजक पंडित राजनाथ शर्मा ने
संयुक्त राष्ट्र (UNO),
डोनाल्ड ट्रंप,
और इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू
को ऐसा पत्र भेजा है जो अब डिप्लोमैटिक सर्किल्स और सोशल मीडिया पर तूफ़ान बन चुका है।
💣 “यह सिर्फ गाज़ा नहीं, पूरी मानवता पर हमला है”
पंडित राजनाथ शर्मा ने गाज़ा में जारी तबाही पर सीधा सवाल दागा—
“अगर बच्चों की लाशें भी दुनिया को नहीं जगा पा रहीं,
तो इतिहास इस चुप्पी को कभी माफ़ नहीं करेगा।”
उन्होंने साफ कहा कि
गाज़ा में हो रहा नरसंहार
किसी एक क्षेत्र का संकट नहीं,
बल्कि मानव सभ्यता की आत्मा पर हमला है।
🔥 अमेरिका–इज़राइल की नीतियों पर सीधा वार
उन्होंने अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाई जा रही
लगातार धमकियों, प्रतिबंधों और दबाव की नीति को
असफल, अमानवीय और खतरनाक बताया।
“धमकी और दमन की राजनीति
ना शांति देती है,
ना न्याय—
यह राम की मर्यादा और गांधी के सत्य दोनों के खिलाफ है।”
✉️ UNO को पत्र, ट्रंप–नेतन्याहू को ट्वीट: भारत से कड़ा संदेश
गांधी जयंती ट्रस्ट द्वारा भेजे गए पत्र में मांग की गई है—
- गाज़ा में तुरंत युद्धविराम
- नागरिकों की अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा
- ईरान की संप्रभुता का सम्मान
- धमकी और सैन्य उकसावे पर रोक
पत्र में चेतावनी दी गई है कि—
“गाज़ा और लेबनान में इज़राइली कार्रवाई
और ईरान को घेरने की साजिशें
मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन हैं।”
🕊️ आयतुल्लाह सैयद अली ख़ामेनई पर धमकियों की निंदा
पंडित राजनाथ शर्मा ने
विश्व शांति के रहनुमा आयतुल्लाह सैयद अली ख़ामेनई
की सेहत और सलामती के लिए दुआ की
और उनके खिलाफ दी जा रही धमकियों को
दुनिया के लिए खतरनाक संकेत बताया।
“जो नेतृत्व आत्मसम्मान और संवाद की बात करता है,
उसे निशाना बनाना
दरअसल शांति को मारने की कोशिश है।”
🇮🇳 भारत के रुख की सराहना: “दिल्ली झुकी नहीं”
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में भारत द्वारा ईरान के समर्थन की
खुलेआम सराहना की—
“राम और गांधी की भूमि ने साबित कर दिया
कि भारत की विदेश नीति
दबाव से नहीं,
विवेक से चलती है।”
🌍 इंटरनेशनल कॉल: अब चुप्पी अपराध है
गांधी जयंती ट्रस्ट ने दुनिया से सीधी अपील की—
- ज़ुल्म के खिलाफ खड़े हों
- मज़लूमों के साथ बोलें
- युद्ध की राजनीति को ठुकराएँ
“धमकी नहीं, संवाद।
युद्ध नहीं, शांति।
दमन नहीं, न्याय—
यही राम का पथ है, यही गांधी का सत्य।”




