तहलका टुडे न्यूज़ पोर्टल | विशेष अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट
जब दुनिया को युद्ध की धमकियाँ दी जा रही थीं और ईरान के खिलाफ़ आक्रामक सुर तेज़ थे, उसी वक्त अमेरिका खुद कुदरत के सबसे सख़्त इम्तिहान से गुजर रहा है। एक ऐतिहासिक और विनाशकारी बर्फीले तूफान ने अमेरिका के बड़े हिस्से को जकड़ लिया है, जिससे सुपर पावर कहलाने वाले देश की असली हक़ीक़त सामने आ गई है।
🔴 कितने लोग प्रभावित, कितने अंधेरे में?
रॉयटर्स और PowerOutage.us के मुताबिक—
- 8.5 लाख से अधिक लोग बिजली के बिना
- कड़ाके की ठंड और बर्फ के बीच लाखों परिवार अंधेरे घरों में कैद
- बुज़ुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए हालात सबसे ज़्यादा खतरनाक
सबसे ज़्यादा प्रभावित राज्य
- टेनेसी: लगभग 2.9 लाख लोग
- मिसिसिपी: 1 लाख से अधिक
- टेक्सास: 1 लाख से अधिक
- लुइसियाना: 1 लाख से अधिक
- इसके अलावा: केंटकी, जॉर्जिया, वर्जीनिया, अलबामा
✈️ हवाई यातायात पूरी तरह ठप
भीषण बर्फबारी और जमाने वाली बारिश ने अमेरिका की उड़ान व्यवस्था को ठप कर दिया।
- रविवार को 10,200 से अधिक फ्लाइट्स कैंसिल
- शनिवार को 4,000 से ज़्यादा उड़ानें पहले ही रद्द
- वॉशिंगटन डी.सी. का रॉनल्ड रीगन नेशनल एयरपोर्ट पूरी तरह बंद, सभी उड़ानें रद्द
- न्यूयॉर्क, बोस्टन, अटलांटा जैसे बड़े शहरों में भी हज़ारों यात्री फंसे
डेल्टा एयरलाइंस सहित कई एयरलाइनों ने सीमित उड़ानें चलाने की घोषणा की है और डी-आइसिंग के लिए इमरजेंसी टीमें तैनात की गई हैं।
❄️ कुदरत का कहर: 18 इंच तक बर्फ
अमेरिकी राष्ट्रीय मौसम सेवा (NWS) की चेतावनी—
- ओहायो वैली से लेकर नॉर्थ-ईस्ट तक भारी बर्फबारी
- न्यू इंग्लैंड में 18 इंच तक बर्फ जमने की आशंका
- दक्षिण-पूर्वी और मिड-अटलांटिक इलाकों में फ्रीज़िंग रेन
- तूफान के बाद बेहद ठंडी हवाएँ और जानलेवा तापमान
मौसम विशेषज्ञों ने साफ कहा है कि इससे
“लंबे समय तक खतरनाक यात्रा हालात और बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान” होगा।
🚨 कितनी जगह आपदा घोषित?
इस तूफान को “Historic Storm” करार देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 13 राज्यों में संघीय आपदा (Federal Emergency) की घोषणा की—
- साउथ कैरोलिना
- वर्जीनिया
- टेनेसी
- जॉर्जिया
- नॉर्थ कैरोलिना
- मैरीलैंड
- अर्कांसस
- केंटकी
- लुइसियाना
- मिसिसिपी
- इंडियाना
- वेस्ट वर्जीनिया
🌍 ईरान और दुआ की ताक़त
इसी बीच ईरान और दुनिया भर में फैले मोमिनीन रात-रात भर दुआओं में मशगूल हैं—
जंग रुक जाए, इंसानियत बच जाए, और दुनिया एक और तबाही से बच जाए।
आज अमेरिका में पसरा यह अंधेरा, यह ठंड और यह बेबसी बहुतों के दिलों में यह सवाल पैदा कर रही है—
क्या हथियारों से ताक़त आती है
या फिर दुआ और इंसाफ़ से?
✋ सुपर पावर का घमंड और कुदरत का पैग़ाम
मिसाइलें, ड्रोन और अरबों डॉलर की फौजी ताक़त रखने वाला अमेरिका आज
बर्फ, अंधेरे और ठंड के आगे मजबूर नज़र आ रहा है।
यह मंज़र दुनिया को याद दिलाता है— कुदरत के सामने कोई सुपर पावर नहीं।
तहलका टुडे किसी मुल्क की मुसीबत पर खुशी नहीं मनाता,
लेकिन यह ज़रूर कहता है कि—
- जंग से सिर्फ़ तबाही निकलती है
- दुआ से राहत
- और इंसानियत से अमन
मोमिनीन की दुआएँ कभी राएगाँ नहीं जातीं।
शायद यही वजह है कि जब ईरान पर हमला करने की बातें तेज़ थीं,
तब कुदरत ने खुद इंसानियत के हक़ में हस्तक्षेप किया




