तहलका टुडे टीम
लखनऊ।राजधानी में बीती रात शिया धर्मगुरु आफ़ताब-ए-शरीयत मौलाना कल्बे जवाद नकवी की सुरक्षा में लगे सरकारी गनर HCCP हसन मेहदी पर हुए हमले ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को झकझोर दिया है।
लेकिन घटना के अगले ही दिन—यानी आज सुबह—पुलिस ने रिकॉर्ड तेज़ी से मुकदमा दर्ज कर हिस्ट्रीशीटर नकी हुसैन उर्फ अमित (HS No. A-15) की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश शुरू कर दी है।
योगी आदित्यनाथ सरकार की राजधानी की पुलिस ने यह साफ कर दिया है कि धार्मिक नेता की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा।
कैसे हुआ हमला? बीती रात की पूरी वारदात
10 दिसंबर की रात एयरपोर्ट ड्यूटी से लौटते समय गनर हसन मेहदी ने हुसैनी टाइगर कार्यालय के पास अपनी मोटरसाइकिल UP42 AD 1358 टूटी-फूटी हालत में पड़ी देखी।
पूछने पर मौके पर मौजूद हिस्ट्रीशीटर नकी हुसैन ने खुलेआम चुनौती देते हुए कहा—
“हाँ, मैंने गाड़ी तोड़ी है… जो करना है कर लो।
मैं चौक का हिस्ट्रीशीटर हूँ, मेरी सत्ता में पहुँच है।”
इसके बाद नकी ने—
- हत्या की धमकी दी,
- सरकारी पिस्टल छीनने की कोशिश की,
- और गनर को अभद्र भाषा में अपमानित किया।
यह हमला सीधे-सीधे धर्मगुरु की सुरक्षा को निशाना बनाता है।
आज सुबह कार्रवाई—सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज
कमिश्नरेट पुलिस ने पीड़ित के प्रार्थना पत्र पर तत्काल एक्शन लेते हुए नकी हुसैन पर निम्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है—
- 304(2)
- 221
- 352
- 351(2)
- 324(4)
मुकदमा दर्ज होते ही कमिश्नरेट पुलिस एक्शन मोड में आ गई है।
कमिश्नरेट पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश—अभियुक्त फरार, खोज जारी
सूत्रों के अनुसार—
- पुलिस ने रात से ही कई ठिकानों पर दबिश दी है
- नकी हुसैन की तलाश में स्पेशल टीम गठित की गई है
- अपराधी नेटवर्क में भारी घबराहट है
- कई संदिग्धों से पूछताछ जारी है
यह साफ संदेश है कि राजधानी में हिस्ट्रीशीटरों का आतंक अब नहीं चलने वाला।
योगी सरकार की नीति स्पष्ट: धर्मगुरु की सुरक्षा से खिलवाड़ की कीमत भारी
सरकार के शीर्ष स्तर पर मामला पहुंच चुका है।
योगी शासन में यह संदेश बार-बार दोहराया गया है कि—
➡️ धार्मिक नेताओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
➡️ हिस्ट्रीशीटर और माफिया के विरुद्ध शून्य सहनशीलता
➡️ राजधानी में कानून का राज किसी भी कीमत पर लागू किया जाएगा
इस समय कमिश्नरेट पुलिस की कार्रवाई से अपराधी माहौल में खौफ फैल गया है।
समुदाय को राहत—कठोर कार्रवाई देख बढ़ा भरोसा
मौलाना जवाद साहब के अनुयायियों ने पुलिस की तेजी का स्वागत करते हुए कहा—
“हमने पहली बार देखा कि रात में हमला हुआ और सुबह मुकदमा दर्ज।
अब हम उम्मीद करते हैं कि गिरफ्तारी भी उतनी ही तेज़ होगी।”
समुदाय यह भी चाहता है कि अवैध हुसैनी टाइगर कार्यालय पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
अब टाइगर गैंग के नेटवर्क में खलबली
मुकदमा दर्ज होने के बाद—
- नकी हुसैन फरार बताया जा रहा है
- उसके सहयोगियों में अफरा-तफरी
- संरक्षकों में बेचैनी
- और दबिशों के चलते पूरा नेटवर्क सतर्क लेकिन भयभीत
पुलिस सूत्र बताते हैं कि गिरफ्तारी जल्द हो सकती है।
सेव वक्फ इंडिया का बड़ा सवाल
क्या राजधानी में पुलिस की यह ऐतिहासिक तेजी भविष्य में अपराधियों के हौसले तोड़ेगी?
क्या धार्मिक नेताओं की सुरक्षा को लेकर अब और कठोर कदम उठाए जाएँगे?
इतना तय है कि—
इस कार्रवाई ने लखनऊ के हिस्ट्रीशीटर और टाइगर गैंग जगत में हड़कंप मचा दिया है।





